तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला
कहाँ से तू आता, किस ओड़ चला जाता
जाते जाते अपनी छाप, हर ओड़ छोड़ जाता
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला
तेरी हसीं के ठहाके, तेरी गुदगुदाती वो बातें
तेरे वो सपने दिखाना, फिर उन्हें सच कर जाना
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला
रास्तों का तू राजा, साथियों का शहज़ादा
दिलों में समां जाता, नींदों को उड़ा जाता
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला
वो तेरा रूठ जाना, फिर किसी के पास न आना
इंतज़ार में रहना सब आएँगे, मना कर तुझे ले जायेंगे
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला
केहता है तू न जाएगा, गया भी तो वापस आएगा
पर सच कहूँ , अब होता नहीं है भरोसा
कर भी लूँ क्या पता, मुझे तू किस हाल में पाएगा
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला।
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला । ।
कहाँ से तू आता, किस ओड़ चला जाता
जाते जाते अपनी छाप, हर ओड़ छोड़ जाता
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला
तेरी हसीं के ठहाके, तेरी गुदगुदाती वो बातें
तेरे वो सपने दिखाना, फिर उन्हें सच कर जाना
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला
रास्तों का तू राजा, साथियों का शहज़ादा
दिलों में समां जाता, नींदों को उड़ा जाता
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला
वो तेरा रूठ जाना, फिर किसी के पास न आना
इंतज़ार में रहना सब आएँगे, मना कर तुझे ले जायेंगे
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला
केहता है तू न जाएगा, गया भी तो वापस आएगा
पर सच कहूँ , अब होता नहीं है भरोसा
कर भी लूँ क्या पता, मुझे तू किस हाल में पाएगा
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला।
तू है मनचला, न जाने किस ओड़ चला । ।
No comments:
Post a Comment