दिल में बस जाने की , ये एक छोटीसी आदत है मेरी।।
तुम्हारी जुबा पर जो नाम,हर वक़्त रहता है,
कम्बक्त दिलो दिमाग पर वो,न जाने कैसा असर करता है।।
कोशिशो के पुल, तुमने खूब ये बांधे,
मेरी लहर क आगे, कोई अब तक न सांधे ।।
तुम किस सोच में हो, कहीं ये गुस्ताखी तो नहीं,
दुनिया ये न बोले, कहीं ये कोई नादानी तो नहीं ।।
इस रोज़ की दौड़ में, कुछ लत ऐसी होती है,
पीछा जितना छुडाओ, छुडाए न छुटती है ।।
अब ध्यान से सुनों मेरी, हर एक बात,
सच आज कहेंगे, मेरे हर एक अल्फाज़।।
करना भरोसा इन पर, तुम्हारी ख्वाइश है,
ये न समझना, मेरी ऐसी कोई फरमाइश है ।।
भूलते भुलाते याद करवाने की, ये एक शरारत है मेरी,
कितनी भी कोशिस कर लो, कुछ ऐसी हीं फितरत है मेरी।।
बस अब बांध लो, इस बात को गाँठ कि,
दिल में बस जाने की , ये एक छोटीसी आदत है मेरी।।
तुम्हारी जुबा पर जो नाम,हर वक़्त रहता है,
कम्बक्त दिलो दिमाग पर वो,न जाने कैसा असर करता है।।
कोशिशो के पुल, तुमने खूब ये बांधे,
मेरी लहर क आगे, कोई अब तक न सांधे ।।
तुम किस सोच में हो, कहीं ये गुस्ताखी तो नहीं,
दुनिया ये न बोले, कहीं ये कोई नादानी तो नहीं ।।
इस रोज़ की दौड़ में, कुछ लत ऐसी होती है,
पीछा जितना छुडाओ, छुडाए न छुटती है ।।
अब ध्यान से सुनों मेरी, हर एक बात,
सच आज कहेंगे, मेरे हर एक अल्फाज़।।
करना भरोसा इन पर, तुम्हारी ख्वाइश है,
ये न समझना, मेरी ऐसी कोई फरमाइश है ।।
भूलते भुलाते याद करवाने की, ये एक शरारत है मेरी,
कितनी भी कोशिस कर लो, कुछ ऐसी हीं फितरत है मेरी।।
बस अब बांध लो, इस बात को गाँठ कि,
दिल में बस जाने की , ये एक छोटीसी आदत है मेरी।।